1. ऑनलाइन फ़ीस के फ़ायदे
अभिभावक घर बैठे किसी भी समय फ़ीस भर सकते हैं, हर भुगतान की तुरंत रसीद मिलती है, बकाया सूची अपने-आप अपडेट होती है और स्कूल का हिसाब साफ़ रहता है।
2. शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
स्कूल के नाम पर करंट बैंक खाता, एक पेमेंट गेटवे अकाउंट, और एक ERP या वेबसाइट जिसमें हर छात्र की फ़ीस दिखे और जो गेटवे से जुड़ा हो।
3. कितना खर्च आता है?
पेमेंट गेटवे हर ऑनलाइन भुगतान पर थोड़ा शुल्क लेता है। कुछ स्कूल इसे ख़ुद भरते हैं, कुछ अभिभावकों से छोटा सुविधा शुल्क लेते हैं। शुरू करने से पहले यह तय करके अभिभावकों को साफ़ बता दें।
4. अभिभावक समय पर फ़ीस कैसे भरें?
तारीख़ से कुछ दिन पहले WhatsApp पर एक विनम्र याद, फिर तारीख़ वाले दिन दूसरी याद भेजें। भुगतान होते ही रसीद भेजें। पहले टर्म में काउंटर भी खुला रखें ताकि नकद देने वाले अभिभावकों को परेशानी न हो।
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हाँ, जब भुगतान किसी नियमित पेमेंट गेटवे से होता है। स्कूल को अभिभावक का कार्ड या UPI PIN कभी नहीं दिखता।
हाँ। ERP में नकद और ऑनलाइन दोनों भुगतान एक ही जगह दर्ज होते हैं।



